ऍलोपैथी क्या है (Allopathy) | एलोपैथिक मीनिंग इन हिंदी | एलोपैथी क्या होता है

ऍलोपैथी क्या है(Allopathy) | एलोपैथिक मीनिंग इन हिंदी | ऍलोपैथी क्या होता है

अगर आप Allopathy से जुड़े सारे जानकारी जैसे, ऍलोपैथी का मतलब क्या है, ऍलोपैथी का परिभाषा क्या है, ऍलोपैथी होम्योपैथि और आयुर्वेद Differences क्या है इसको पूरा पढ़िए 

एलोपैथि क्या है(Allopathy) | एलोपैथिक मीनिंग इन हिंदी | एलोपैथी क्या होता है

 

हर कोई Healthy रहना चाहता है फिट रहना चाहता है। बीमारियां कभी आसपास ना आए कुछ ऐसा चाहता है। लेकिन फिर भी लाख कोशिशों के बावजूद किसी ना किसी रीजन से हम बीमार पड़ ही जाते हैं। और तब हमें याद आती है Doctor की। क्यों यह सच है ना दोस्तों? 

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और तब हम चाहते हैं कुछ ऐसी दवा की जो जल्द से जल्द उस बीमार को ठीक कर सके या तो उस बीमार पर असर करें। और हम जल्दी से फिट हो जाए। अब वैसे तो Body से Related Problems को दूर करने के लिए बहुत से काफी सारे Options मौजूद है। 

 

लेकिन तुरंत राहत दिलाने का मैजिक Allopathy ने ही कर दिखाया है। और इसी वजह से Western Worlds से आने की बायोजुद भी Medical Science की इस Branch ने बोहोत ही काम टाइम मे आपने पहेर India मे भी जमा लिए।

 

तो वैसे मैं आपको भी यह जानना चाहिए कि जिन दवाओं को आप कभी सिर दर्द कभी Fever को दूर करने के लिए लेते हैं आखिर वो आयी कहा से है, किसने उन्हें नाम दिया है और उनसे होने वाले फायदे और नुकसान क्या क्या है। इन सारे सवालों और Curiosity का जवाब हम इस Blogpost मे देने वाले है। क्यूंकि Hindiadda आज आपके लिए लेके आया है Allopathy से जूरी पूरी जानकारी। तोह अगर आप ये पूरा जानना चाहते है तोह फिर ज़रूर इस Article को पूरा पढ़िए। तो चलिए दोस्तों Allopathy की इस Journey को करीब से देखते है।

 

जानिए इसको भी :- Homeopathy Kya Hai

 

सबसे पहले सवालों आता है की Allopathy क्या है‘Allopathy’ Western Medical System का एक Part है। जो पूरी दुनिया मे तेजी से फैला और लगभग हर एक देश ने इसे अपनाया भी। इस Drug Oriented Methodology मे तीन चीजे Important होता है जो की है Hypothesis, Experimentation और उसका Outcome। 

 

Allopathy या Allopathy Medicine एक ऐसा Health System है जिसमे Medical Doctors और Health Care Professionals के द्वारा बीमारियों का लक्षण पाता करके उसका इलाज किया जाता है। 

 

यह एक Wide System है जिसमे Medication, Surgery, Radiation और बोहोत सी Therapies और  Procedure की मदद से बीमारी को दूर किया जाता है। 

 

एलोपैथी के और भी बहुत सारे नाम है। जैसे Conventional Medicine, Mainstream Medicine, Western Medicine, Orthodox Medicine और Biomedicine

 

एलोपैथिक मीनिंग इन हिंदी यानि ऍलोपैथी की परिभाषा

 

तो दोस्तों अब हम जानेंगे कि यह Allopathy Word कहां से आया है और एलोपैथिक मीनिंग इन हिंदी क्या है। एलोपैथी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। ग्रीक शब्द(Word) ‘Allows’ और ‘Pathos’ से। दोस्तों ‘Allows’ का मतलब होता है ‘Opposite’ और ‘Pathos’ का मतलब होता है ‘Suffering’। यानी एलोपैथी में Treatment का तरीका होता है Different Than Disease। 

 

क्योंकि एलोपैथी में किसी बीमारी के लक्षणों के Opposite Effect वाले ट्रीटमेंट को चुना जाता है। इसीलिए Mainstream Medicine का नाम Allopathy रख्खा गया है। और दोस्तों ये नाम देने का श्रेय जाता है जर्मन Physician Samuel Hangmen को जाता है जिन्होंने 1810 मे Medicine की इस बिद्या को Allopathy नाम दिया।  वैसे आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि Samuel Hangmen Homeopathy को भी इज़ात किया था। 

Allopathy का Benefits क्या है (Allopathy Medicine Benefits in Hindi)

Allopathy Medicine Benefits in Hindi

 

तो दोस्तों मुझे मालूम है कि यह आपको पता चल ही गया होगा कि एलोपैथी का नाम कैसे पड़ा और एलोपैथि की परिभाषा क्या है । लेकिन दोस्तों अभी भी हम लोगों को यह जानना बाकी है कि इस Allopathy का Benefits और इसका नुकसान क्या क्या है। तो चलिए आप जान लेते हैं। 

 

 

1) दोस्तों ऍलोपैथी के Benefits का सबसे पहले नंबर पर आता है कि एलोपैथी जल्द से जल्द Relief दे देता है यानी कि Quick Relief देता है। इसका मतलब यह है दोस्तों की एलोपैथि की Treatment हम लोगों को तुरंत राहत दे देता है। 

 

2) ऍलोपैथी Medical Science के Authentic Principles पर Based है। दोस्तों इसीलिए इसमें बड़ी से बड़ी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। और तुरंत उसका इलाज शुरू किया जा सकता है। 

 

3) इसमें Operations और Surgery के जरिए बड़ी से बड़ी गंभीर बीमारियों को भी दूर किया जा सकता है। 

 

4) इस विद्या की Technology हर दिन Upgrade होती है। इसीलिए कोई भी Treatment बहुत आसानी और अच्छे से हो पाता है। इसके जरिए बहुत जल्द ही बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। 

 

बीमारी चाहे छोटी हो या बड़ी यानी सिर दर्द हो या जुखाम हो या चाहे Cancer या फिर Brain Hemorrhage, इन जैसे बीमारियों को तुरंत और प्रभावी रूप से ठीक करने में एलोपैथी सफल साबित होती आई है। Trauma,  Accidents और Broken Bones जैसे Serious Cases में एलोपैथी से बेहतर कुछ नहीं।

 

बहुत सारे Benefit वाले ऍलोपैथी जो हर दिन हजारों लाखों लोगों की जान बचाती है और उन्हें बेहतर सेहत देती है। 

 

Allopathy का Side Effects क्या क्या है(Allopathy Medicine Side Effects in Hindi)

 

दोस्तों इस एलोपैथि का बस बेनिफिट्स नहीं इसका Side Effects भी बहुत सारे हैं। तो चलिए अब हम जान लेते हैं कि इस एलोपैथी का Treatment की Side Effects क्या क्या है

 

किसी Patient का Fever दूर करने के लिए उसे ऐसी कोई दवा दे गई है जो उसकी Body की Temperature को Normal Level पर ले आएगी। लेकिन यह दवा उस Patient की Liver को नुकसान पहुंचाएगी।

 

दोस्तों और जब वह Patient Side Effects को रोकने के लिए कोई और दवा का इस्तेमाल करेगा, तो उसे फिर से कोई और Side Effects का सामना करना पड़ सकता है। 

इससे उस Patient को कोई और बीमारी पकड़ सकता है। और इस तरह Allopathic Treatment में Quick Relief के साथ-साथ Side Effects के Chain भी लगातार चलती रहेगी।

 

तुरंत राहत दिलाने वाले Allopathic Medicine, बीमारी को पूरी तरह से ठीक करने की वजह सिर्फ उसे दबा देती है जिससे दर्द तो मिट जाता है,  लेकिन किसी भी बीमारी को जड़ से मिटाना ही स्वस्थ शरीर की आवश्यकता है। और उस को जड़ से मिटाना स्वस्थ शरीर की जरूरतें भी है। 

 

 

दोस्तों एलोपैथी में ऐसे बहुत सारे बीमारियों का Treatment करने में इतना ज्यादा खर्चा पड़ता है कि वह एक आम आदमी की पहुंच से बाहर निकल जाता है। एलोपैथिक Treatment के कुछ Pro’s और Con’s जानने के बाद एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक जैसे विधाओं के बीच Difference को समझना भी फायदेमंद होगा।

 

Difference Between Homeopathy vs Allopathy in Hindi

 
Difference Between Homeopathy vs Allopathy in Hindi

 

 

तो दोस्तों चलिए हम पहले यह जान लेते हैं कि Allopathy और Homeopathy के बीच में Difference क्या क्या है यानि Homeopathy vs Allopathy in Hindi। 

 

a) Allopathy भारत में जब आए तब भारत में British Rule चलता था। दोस्तों और तब से इस Western Medicine को इतना मान्यता और Publicity मिला कि ताब से ही यह Medicine भारत में भी अपना खास जगह बना ली।

 

दोस्तों जबकि Homeopathy भी British Rule के दौरान ही भारत में आई थी। लेकिन अपने Effective Treatment Method से इसने भी भारत में एक खास जगह बना ली है।

 

b) एलोपैथी में जहां तुरंत इलाज दिया जाता है। तो वही होम्योपैथी ट्रीटमेंट Slow होता है। क्योंकि दोस्तों एलोपैथी बीमारी को दबाने का काम करता है। तो वही Homeopathy बीमारियों को जड़ से दूर करने का काम करता है।

 

c) एलोपैथी पूरी तरह से Test and Research पर Based होती है। जबकि होम्योपैथी Treatment में एलोपैथी जीतना Test and Research नहीं होता है।

 

d)  एलोपैथी में Patient की Physical Conditions के Base पर Treatment किया जाता है। जबकि होम्योपैथी में Patient की Mental और Physical Conditions को अच्छे से जान कर और समझ कर ही पूरा इलाज शुरू किया जाता है।

 

e) एलोपैथी में किसी भी Medicine का Side Effects भी होता है। दोस्तों जबकि होम्योपैथी की Medicines में कोई भी Side Effects नहीं होता।

 

दोस्तों अब तक हम बात किए हैं एलोपैथी और होम्योपैथी के बीच का अंतर क्या है इसके बारे में यानी Homeopathy vs Allopathy in Hindi को लेकर। 


Difference Between Ayurveda vs Allopathy in Hindi

 
Difference Between Ayurveda vs Allopathy in Hindi

 

अब हम बात करने वाले हैं Ayurveda और Allopathy के बीच में Differences को लेकर। यानि Ayurveda vs Allopathy in Hindi के बारे मे।

 

a) दोस्तों आयुर्वेद हमारे भारत की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। जबकि एलोपैथी Modern World की खोज है। 

 

b) आयुर्वेदिक दवाई पूरी तरह से प्राकृतिक होती है। और बीमारी को जड़ से दूर करने का काम करती है।

 

c) आयुर्वेदि का इलाज में कुछ समय लगता है जो कुछ हफ्तों से साल तक भी हो सकता है। जबकि एलोपैथी तुरंत इलाज में यकीन रखता है।

 

d) आयुर्वेदिक इलाज और Medicines के Side Effects एलोपैथी से काफी कम होता है।

 

e) आयुर्वेदिक दवाई काफी बार एलोपैथिक मेडिसिन की तुलना में बहुत महंगी होती है। 

 

f) आयुर्वेदिक में Operations और Tests करने की तरीके उतना भी Modern नहीं हो पाया है जितने एलोपैथी में होता है।

 

दोस्तों अब तक मैं आपको बता रहा था कि एलोपैथी और आयुर्वेद का Differences क्या क्या है

 

Allopathy Treatment in Hindi

Allopathy Treatment in Hindi

 

अगर कोई गंभीर बीमारी इतना बढ़ गया है कि उसे तुरंत इलाज की जरूरत है तो इस जगह एलोपैथी से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।

 

लेकिन अगर आपको किसी बीमारी का आहट अगर सुनाई देता है यानी आप समझ रहे हो कि कुछ बीमारी आपकी तरफ आ रहा है, तो उस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए आप होम्योपैथी या आयुर्वेद का मदद ले सकते हैं।

 

Friends और एक सबसे Important बात, हमारे जो यह बॉडी है ना, वो इन तीनों पद्धति से बढ़कर है। मतलब कि एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेद से भी बढ़कर है। 

 

यह जब भी कोई बीमारी हमारे तरफ आने वाला होता है तो हमारे यह Body हमें चेतावनी भी देता है हमें Alert करता है कि हमारे System में कुछ Problems है।

 

दोस्तों किसी भी बीमारी झट से नहीं आता है। उसको बनने में थोड़ा Time लगता है और उसी Time के दौरान हमारे यह Body हमें यह समझा देता है कि कुछ बीमारी आने वाला है।

 

तब हमारे Body हमें यह Alert करता है कि संभालो,  संभल जाओ, अच्छी तरह से खाओ और अपने Body का ध्यान रखो।

 

दोस्तों अगर हम इन सब Alerts को नजरअंदाज करेंगे तो उसी वक्त हमें गंभीर बीमारी पकड़ लेगी। इसीलिए मैं सबसे पहले आपको यह Suggest करूंगा कि आप अपने खुद के Body System से जुड़ जाइए। जब पता लगे कि यह खाने से एलर्जी होता है तो उसको तुरंत बंद कर दीजिए। 

 

ज्यादा Stress मत लीजिए, ठीक Time होने पर सो जाइए आप क्या क्या खा रहे हैं, दिन में क्या क्या कर रहे हैं इन सब पर थोड़ा ध्यान दीजिए। 

 

दोस्तों हमारी यह जो Body है यह खुद ही एक Doctor है। जो हमारे Health को ठीक करने का आधा काम कर देता है। एक बात है, बहुत बड़ी बीमारी से बचने का बस एक ही तरीका है खुद को Mentally और Physically Care करना।

 

Conclusion

 

दोस्तों इस आर्टिकल में मैंने आपको यह बताया है कि एलोपैथी क्या है, एलोपैथी का हिंदी परिभाषा क्या है, और आयुर्वेद और एलोपैथी के बीच का डिफरेंस क्या-क्या है (Ayurveda vs Allopathy in Hindi), होम्योपैथी और एलोपैथी के बीच में डिफरेंस क्या क्या है (Homeopathy vs Allopathy in Hindi)। यह सब मैंने आपको इस आर्टिकल में पूरा Details में बताया हु। उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया है और उससे भी बड़ी बात आपको यह आर्टिकल थोड़ा सा भी हेल्प कर पाया है यह मैं आशा रखता हूं। 

 

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगता है तो जरूर नीचे Comment में अपना Feedback देना और हमारे इस Blog से जुड़े रहने के लिए इसको जरूर Follow करना। मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि मेरे इस Blog के जरिए आपको ज्यादा से ज्यादा Information Provide करता रहूं। 

 

तो दोस्तों अपनी सेहत का ध्यान रखना, और चलते हैं हम आज के लिए इतना ही।

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